…..महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा को समाप्त करने के प्रयास में संयुक्त राष्ट्र संघ की एक मुहीम ” orange the world ” , 25 Nov. से शुरू हुए इस 16 दिवसीय अभियान का अंत 10 Dec. को मानवाधिकार दिवस के दिन होगा ..परेड , मार्च , फुटबॉल मैच , debate के साथ- साथ विश्व के सभी प्रमुख monuments को orange colour से प्रकाशित करना इस मुहीम का हिस्सा है …

….orange colour प्रतिक है ” महिलाओं और बालिकाओं के लिए हिंसा मुक्त उज्जवल और आशावादी भविष्य का “…

इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ (महिला) का विशेष जोर महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा कि रोकथाम पर होगा, क्योंकि ” सतत विकास वर्ष २०३० ” एजेंडा के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों में ” महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा” को पूर्णतः समाप्त किया जाना , एजेंडा का एक अहम् हिस्सा है ….

…महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा का मूल कारण लैंगिक असमानता (gender inequality) और भेद भाव (discrimination) को चिन्हित किया गया है अत: समाज को इस दिशा में जागरूक कर लैंगिक समानता ( gender equality) सुनिश्चित करने की दिशा में यह प्रयास है …

….विश्व का कोई भी देश हो, महिलाओं की स्थिति कमोबेश एक सी ही है .ब्राज़ील , कांगो , सीरिया , तुर्की और अन्य देशों में समय-समय पर हो रहे प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं…

…..महिलाओं के लिए .हिंसा मुक्त उज्जवल भविष्य की यह मुहीम एक दिन ज़रूर रंग लाएगी इस उम्मीद के साथ थोडा orange colour मेरी ओर से भी … :

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